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Sunday, June 19, 2011


सरहद पर घुसपैठ का मामला 
दरगाह शरीफ की जियारत करने आया था पाकिस्तानी 
सुरक्षा एंजेसियों को घुसपैठिए के बांग्लादोश  होने का संदेह, एक साथी फरार 


बाड़मेर।  सीमावर्ती बाड़मेर जिले में रविवार को पकड़े गए पाकिस्तानी नूर आलम ने सुरक्षा एंजेसियों की पुछताछ के दौरान दो महीने पहले पंजाब के गुरूदासपुर जिले के पास से भारतीय सीमा में प्रवो करने की बात कबुली है। नूर आलम ने बताया कि उसके साथ उसका एक और साथी जफर भी सीमा पार से घुसपैठ कर इसके साथ आया। भारत आने के पीछे इनका मकसद दरगाह शरीफ की जियारत करना था।

जहां पुछताछ में नूर आलम खुद को पाकिस्तान के कराची का रहने वाला बता रहा है, वहीं सुरक्षा एंजेसियों को पाकिस्तानी होने के बजाय बांग्लोदोी होने का भाक है। सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी विजय साखरे ने बताया कि रविवार को पकड़ा गया घुसैपेठिया खुद को कराची निवासी नूर आलम बता रहा है, लेकिन उसकी भाशा और तौर तरीकों से उसके बांग्लादोी होने का संदेह है।

साखरे ने बताया कि रविवार को सीमा सुरक्षा बल द्वारा पकड़े गए घुसपैठिए ने पुछताछ के दौरान दो महीने पहले पंजाब के गुरूदासपुर जिले के पास से भारतीय सीमा में प्रवो करने की बात कबुली। सरहद पार से पंजाब आने के बाद नूर आलम अपने साथी जफर के साथ अजमेर आ गया और पिछले दो महीन से अजमेर में ही रह रहा था। नूर आलम ने पुछताछ में बताया कि उसका साथी जफर पन्द्रह दिन पहले उसे छोड़कर कहीं फरार हो गया। उसके बाद कुछ दिन पहले वो भी पंजाब गया था, लेकिन वहां से पाकिस्तान लौटने का रास्ता भूल गया, ऐसे में वापिस अजमेर लौट आया।

नूर आलम नें बताया कि अजमेर में किसी बंगाली युवक ने उसे मुनाबाव के रास्ते थार एक्सप्रेस से पाकिस्तान जाने की सलाह दी। ऐसे में वो बस में बैठकर अजमेर से रवाना होकर बाड़मेर तक पहुंचा। बताया गया कि रविवार दिन में वो सुरक्षा एंजेसियों के हाथ भी लगा था, लेकिन खुद को पिचम बंगाल का रहने वाला बताकर जैसेतैसे बच निकला। सुरक्षा एंजेसियों ने नूर आलम को वापिस बाड़मेर भी रवाना कर दिया था, लेकिन नूर आलम बाड़मेर जाने के दौरान रास्ते में गागरिया के पास उतर गया और वापिस गडरा पहुंच गया, जहां देर भाम सीमा सुरक्षा बल ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुछताछ के दौरान नूर आलम के पास मात्र 60 रूपए बरामद किए गए है।

सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी विजय साखरे ने बताया कि नूर आलम की बातों को पुख्ता और प्रमाणिक नहीं माना जा सकता। सुरक्षा एंजेसिया उससे पुछताछ में जुटी और पुछताछ पूरी होने के बाद उसे पुलिस के सुपूर्द कर दिया जाएगा।

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